Tuesday, June 9, 2020

हमें जुकाम क्यों हो जाता है ? जुकाम से कैसे बचें [Why Cold]

हमें जुकाम क्यों हो जाता है। - Why cold happen

हेलो दोस्तों कैसे हैं आप, 

इस पैराग्राफ में हम पढ़ेंगे की जुकाम क्या है ?, ये क्यों होता है , इसके क्या २ कारण हैं । इस पैराग्राफ को पढ़ कर आपके सभी सवाल समाप्त हो जायेंगे और आप जुकाम के होने के कारण जान पाएंगे और उस से बच पाएंगे । 

संसार में शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति होगा जिसे कभी भी जुकाम ना हुआ हो। सर्दियों के मौसम में इस रोग का प्रकोप अधिक होता है। वैसे यह रोग गर्मियों और बरसात में भी हो जाता है । 

अमेरिका में तो प्रतिवर्ष लगभग 90% लोगों को जुकाम की शिकायत रहती है। क्या तुम जानते हो जुकाम क्यों हो जाता है। 
why cold happend and how to prevent

जुकाम होने का कारण - Cause of cold

जुकाम एक प्रकार के विषाणु द्वारा होता है। अब तक वैज्ञानिक फैलाने वाले 200 से अधिक किस्म के विचारों का अध्ययन कर चुके हैं। विषाणु नाक और गले की श्लेष्मा युक्त ( चिपचिपा पदार्थ इत्यादि से भरी झिल्ली ) पर आक्रमण करते हैं गले के पीछे ऐडेनाइडसऔर टॉन्सिल होते हैं जीवाणुओं को मारने का प्रयत्न करते हैं । 

यदि वे इन्हें मारने में सफल नहीं होते तब यह विषाणु नाक और गले में खराश पैदा कर देते हैं । नाक से पानी बहने लगता है और आंखों से आंसू निकलने लगते हैं जुकाम के रोगी को बार बार छींक भी आती हैं यदि यह विषाणु फेफड़े की स्वांस  प्रणाली में असर डालने में कामयाब हो जाते हैं  तो रोगी को खांसी आने लगती है । 

उसे बुखार भी हो सकता है । गले की नाली द्वारा इन विषाणुओ का प्रभाव आमाशय तक पहुंच सकता है रोगी के शरीर की रक्षा करने वाली अंदर की व्यवस्था इन विषाणु से बराबर लड़ती रहती है। सही दवा परहेज और आराम करने से यह विषाणु नष्ट हो जाते हैं। 

इस रोग के विषाणु जुकाम के रोगियों द्वारा छींकने या खाँसने से हवा में फैल जाते हैं। ये विषाणु सांस द्वारा स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में प्रवेश कर जाते हैं । विषाणु के प्रवेश कर देने से 1 से 3 दिन तक रोग का आक्रमण हो जाता है।

शुरू शुरू में नाक में खुश्कीआती है और अंदर सूजन आ जाती है। इसके बाद नाक और गले में खराश होती है। फिर नाक और आंखों में पानी आने लगता है अंत में जोरदार खासी और बुखार हो जाता है। 

 वयस्कों के लिए यह रोक घातक नहीं है लेकिन बच्चों में इसके द्वारा खसरा व डिप्थीरिया जैसे भयानक रोग भी होते हुए देखा गया है। यह ऐसी छूत की बीमारी है जो फांसी के रोगी के संपर्क में आने से हो जाती है। 

यह रोग अधिक ठंड गर्मी या थकान के कारण भी हो जाता है इन सभी स्थितियों में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है जिससे इंसान अपने आक्रमण में सफल हो जाते हैं । 


जुकाम से बचने के उपाए - Ways to avoid cold & cough

 इस रोग से बचने के लिए पोषक युक्त आहार लेना बहुत जरूरी है ठंडे पानी से प्रतिदिन स्नान करते रहने से हमइन विषाणुओ के आक्रमण से बच सकते हैं।  

जुकाम के रोगियों से दूर रहना और खुली हवा में भ्रमण करना इस रोग से बचने के लिए बहुत ही प्रभावशाली तरीका है ।

सारांश - Conclusion

जुकाम एक सामान्य रोग है जो किसी को भी हो सकता है अगर हम कुछ सावधानियां अपने रहन सहन और खान पान में करें तो जुकाम से काफी हद तक बचा जा सकता है । अगर आपको बहुत ज्यादा जुकाम हो तो आप सीधे स्वस्थ्य कर्मी से सलाह लें ।

Friends,
If you like this information then please let us know in the comment box, also share this info to your friends too by pressing the share buttons below. Also if you want any information about anything then let us know.

thanks,

दोस्तों, 
अगर आपको ये जानकारी अच्छी लगी तो हमें कमेंट में बताये और अगर आप किसी और विषय में जानकारी चाहते हैं तो हमें बताये हम आपको पूरी जानकारी हिंदी में देंगे । आप  ये जानकारी अपने दोस्तों को भी शेयर कर सकतें है. नीचे शेयर की बटन को दबाएं । ताकि उनको भी इस बारे में पता चले ।

धन्यवाद 

Monday, June 8, 2020

What is Jio Mart? - How to order, Best new jio benefits info

 Jio mart India's new shopping Bazar 

Hello friends,

Jio Mart would be a new Online Big Retailer shop in India, here in this article I am going to share all the relevant information about the Jio Mart. If you don't know about Jio Mart than welcome here, 

 This article is for you, here you will get all the details about Jio Mart, How to become Jio Mart customer and share, Jio Mart App, Jio Mart store, and how to shop in Jio Mart?.

Jio Mart is a new Indian online retail shopping market place, this is another big launch of reliance after Jio SIM.

We all know after launching Jiosim and Jio's phone a huge revolution came in India and we saw a huge jump in the internet users, the same thing is going to happen here also after launching Jio Mart most probably India users will move towards online shopping.
 
what is jio mart?

What is Jio Mart?

Jio mart is an upcoming e-commerce market of reliance group, It has launched its retail store all over India. There is a facility to order goods via Whatsapp group. And you can avail of the item in your home quickly. 

There in the Jio Mart store, you can avail at least a 5% discount on any product as for now. The local retailer can also join this by Jio retailer app and can grow their business with Reliance Jio Mart. We have seen after launching Jio sim all the network companies give up in front of Jio and all benefits go to direct users. 

So it will be a great initiative by Jio in the retail and online shopping market. 

How to order in jio mart

Jio Mart Apps

If we talk about the official app of Jio Mart than it's not launched yet but will be launched soon, however its official website is available where you can place an order and get home delivery. Visit Jio Mart's official website.

Jio Mart online registration

Now the first question comes on every Jo Mart users that how to do registration and how to order, then first you have registered on the new JioMart site, you can order groceries and other goods on this website. Here are some steps to register.

  • Find your item first than click on the cart image and add the item to cart.
  • As you are done adding items to your cart, tap on the Cart icon on the top right corner of the app. 
  • Here you can increase or decrease the quantity of the items that you have added to your cart. You can also continue shopping or delete an item from the cart.
  • Once you have finalized the list, click on the Proceed button.
  • Now enter your PIN code, name, phone number, and your delivery address and click on Save Address option.
  • Now, click on the Pay option to pay for your purchases. You can choose to pay via an e-wallet, debit or credit card, net banking, or cash.

How to order in Jio Mart store

For now, as we received the latest information there are some steps to order from the Jio Mart store.
  1. First, you have to send msg to the JioMart number 8850008000 and send a ‘Hi’ on WhatsApp.
  2. JioMart will send a link that is valid for only 30 minutes.
  3. The customer has to click on the link to fill all the details like address, name, and phone number.
  4. Select the items available from the JioMart product catalog.
  5. Place the order.

Jio Mart user Benefits

There are some exciting benefits of Jio Marts users, this bazaar is going to be a big Indian retails shopping place. All the benefits listed below.
  • There would be free home delivery with no minimum order value
  • No questions asked return process
  • An express delivery promise from nearby Jio Store or local Kirana
  • Order via Whatsapp with instance invoice
  • 5% minimum discount on all goods
jio mart shopping benefits

Jio Mart conclusion

In this article, I have given most of the information about Jio Mart, how to register on Jio Mart, how to place order, and what are the best benefits in Jio Mart. 

Friends,
If you like this information then please let us know in the comment box, also share this info to your friends too by pressing the share buttons below. Also if you want any information about anything then let us know.

thanks,

दोस्तों, 
अगर आपको ये जानकारी अच्छी लगी तो हमें कमेंट में बताये और अगर आप किसी और विषय में जानकारी चाहते हैं तो हमें बताये हम आपको पूरी जानकारी हिंदी में देंगे । आप  ये जानकारी अपने दोस्तों को भी शेयर कर सकतें है. नीचे शेयर की बटन को दबाएं । ताकि उनको भी इस बारे में पता चले ।

धन्यवाद 

Saturday, May 30, 2020

Why mars planet looks red? - मंगल ग्रह लाल क्यों दिखाई देता है?

मंगल ग्रह लाल क्यों दिखाई देता है ? Why planet mars looks red?

 प्यारे दोस्तों आज हम बात करेंगे मंगल ग्रह के बारे में, मंगल ग्रह हमें लाल क्यों दिखाई देता है उसका रंग लाल क्यों है? अक्सर हमारे दिमाग में यह सवाल उठते रहते हैं कि किसी का है किसी गृह का रंग लाल , भूरा , नीला , पीला या किसी और रंग का क्यों होता है ? आइए हम जानते हैं । 

जैसा की हम लोग जानते है कि हमारे सौरमंडल में नौ ग्रह हैं - बुध, शुक्र, पृथ्वी, मंगल, बृहस्पति, शनि, अरुण, वरुण और यम। यद्यपि यम (प्लूटो ) को अब ग्रह नहीं माना जाता, इसे सितंबर 2006 से बौने ग्रह का नाम दिया गया । यदि सूर्य से दूरी की बात करें तो मंगल चौथा ग्रह है । यह पार्थिव ग्रहों में ब्रहातम है, और इसे अक्सर लाल ग्रह कहा जाता है। तुम इसका कारण जानते हो क्या? 

Why mars planet looks red, मंगल ग्रह लाल क्यों दिखाई देता है?

Facts About mars planet

 जैसा हम जानते हैं कि मंगल ग्रह सूर्य के सबसे नज़दीक ग्रह है। यह सूर्य के साथ ही उदय और अस्त होता है। इसीलिए हम उसे सूर्योदय से पहले और सूर्यास्त के बाद भी देख सकते हैं । इसी तरह शुक्र को या तो सूर्योदय से पहले और कई बार सूर्यास्त के बाद ही देख सकते हैं। परंतु मंगल को हर एक वर्ष के बाद स्पष्ट रूप से 1 या 2 महीने के लिए देखा जा सकता है। 

समस्त ग्रहों में केवल मंगल ही चमक के कारण शुक्र के बराबर समझा जाता है। वह अपने लालिमा युक्त पीले रंग की वजह से अभूतपूर्व भी है मंगल का अध्ययन करने के लिए अनेक अंतरिक्ष यान वहां भेजे गए। इन अंतरिक्ष यानों ने हमें उसके बारे में कई मूल्यवान तथ्य प्रदान किये हैं । 


मगर की धरती पर 1976 में अंतरिक्ष यान बिकींग -1 और 2 ने कदम रखा जो अमेरिका द्वारा भेजे गए थे । उन्होंने मंगल के वायुमंडल में 1 से 2% ऑर्गन, 2 से 3% नाइट्रोजन, 95% कार्बन डाइऑक्साइड और प्रतिशत ऑक्सीजन को पाया । 

 मंगल की सतह चमकदार व अंधेरे से क्षेत्रों से बनी है। मंगल की धरती लालिमायुक्त व पीतवर्ण पाई गई है । जिसकी वजह से इस ग्रह को खास रंग मिलता है । ये क्षेत्र जंग लगे लोहे की तरह लगते हैं और लाल एवं भूरी भूमि की तरह लगते हैं। 

Why mars planet looks red - मंगल ग्रह लाल क्यों दिखाई देता है

Why mars planet looks red?

मंगल पर हवा बहुत तेज गति से चलती है प्रति घंटा 400 किलोमीटर । और मंगल के स्थानों में भारी तूफान पैदा करती है। इन तूफानों से वायुमंडल में लाल रेत छा जाती है। चूँकि मंगल का गुरुत्वाकर्षण खिंचाव कमजोर है इसलिए धूल के कण सप्ताहों तक वायुमंडल में बने रहते हैं। 

इसीलिए मंगल अपनी लाल धूल भरी सतह और वायुमंडल में धूल के कणों के कारण हमें लालिमा युक्त नारंगी रंग का लगता है
Hello, friends, this is the English version of the article Why planet mars look red. There are some reasons why mars planet looks like a red ball. Often some question comes in our mind that planets are blue, brown, red, yellow or some other color. 

Let's know about this. As we all know that there are 9 planets in our solar system - Mercury, Venus, Earth, Mars, Jupiter, Saturn, Uranus, Neptune, and pluto. Although Pluto is not considered a planet after 2006, it's called a small planet. If we talk about mars than it is in 4th place from the sun. It's red in color from other planets which is near to the sun. 

Do you know the reason for that.? As we know Mars is the nearest planet to the sun, it rises up and sets down with the sun, so we can see this before or after sunset. Due to its brightness mars is considered as brighter as Venus planet. For the study of planet mars, many spacecraft and rocket sent to the mars and scientists got to know many new things from these operations. 

On mars, there are 1-2% argon gas, 2-3% nitrogen, and 95% Co2 and oxygen. Why planet march is red After studying it is been found that due to heavy storm around 400Km/h. Sand spread all around the planet and due to less gravitational force, these sand particles remain in the atmosphere for a long time due to this when lighting fall on those particle color of the moon looks orange or red color.

Friends,
If you like this information then please let us know in the comment box, also share this info to your friends too by pressing the share buttons below. Also if you want any information about anything then let us know.

thanks,

दोस्तों, 
अगर आपको ये जानकारी अच्छी लगी तो हमें कमेंट में बताये और अगर आप किसी और विषय में जानकारी चाहते हैं तो हमें बताये हम आपको पूरी जानकारी हिंदी में देंगे । आप  ये जानकारी अपने दोस्तों को भी शेयर कर सकतें है. नीचे शेयर की बटन को दबाएं । ताकि उनको भी इस बारे में पता चले ।

धन्यवाद 

Monday, May 25, 2020

चंद्रमा के सागर क्या है - What is moon sea, lunar sea?

चंद्रमा के सागर क्या है? What is the moon sea or the Lunar sea?

Hello friends,
what is moon sea, is there mountains on the moon, what kind of nature is there on the moon. All these questions will be solved after reading this article, so here are the full details of the moon sea.

जब हम नंगी आंखों से चंद्रमा को देखते हैं तब हमें उसकी सतह पर कुछ काले धब्बे दिखाई देते हैं। प्राचीन काल के लोगों का विचार था चंद्रमा की सतह पर स्थित यह काले धब्बे पानी से भरे सागर है जैसा कि हमारी पृथ्वी के सागर हैं। गैलीलियो ने चंद्रमा के इन काले धब्बों को 1609 मैं अपनी बनाई हुई दूरदर्शी से देखा । 

चंद्रमा के सागर क्या है? What is the moon sea or the Lunar sea?


उन्हें यह काले धब्बे सपाट सागर के रूप में दिखाई दिए इसीलिए उन्हें चंद्रमा के सागरों का नाम दे दिया गया वास्तव में यह सपाट मैदान है जहां पानी का निशान भी नहीं है । लेकिन पुरानी धारणा के अनुसार हम इन्हें आज की सागर कहते हैं खगोलविद इन सागरों को मेयर इम्ब्रायम कहते हैं चमकीले क्षेत्र वास्तव में पहाड़ हैं। इन पहाड़ों पर सूर्य की किरणें पड़ती है । 


चन्द्रमा के कुछ पहाड़ तो लगभग 1000 मीटर तक पहुंचे हैं। आश्चर्य की बात यह है कि गहरे विशाल मैदान चंद्रमा की पृथ्वी की ओर वाली सतह पर ही हैं । दूसरी ओर की सतह पर इनकी संख्या बहुत कम है । दूसरी सतह लगभग पर्वतमालाओं से ही ढकी है । चंद्रमा के इन सागरों को दो वर्गों में बांटा जा सकता है । पहले वर्ग में वह सागर आते हैं जो वृत्ताकार और दूसरे में वो जो अनियमित आकार के हैं । 

वृताकार सागर सामान्यत पर्वतों से घिरे हैं। मेयर इम्ब्रायम और मेयर क्रिसियम चंद्रमा की हमारी ओर की सतह है ऐसे ही सागर हैं । अनियमित सागरों में मेयर ट्रैंकुलेटलिस और ओसनियस प्रोसेरम आते हैं। जिनके किनारों पर विशेष पर्वतमालाएं नहीं हैं । चंद्रमा के सागर तांबे की परतों से ढके हुए हैं। इनका का निर्माण संभवता तीव्र वेग से गिरते हुए विशाल शुद्र ग्रह या उल्का पिंडों के चंद्रमा की सतह पर टकराने के कारण हुआ होगा। 


इनकी टकराव से चंद्रमा की सतह फट गई होगी या ज्वालामुखी फोटो होंगे जिनके कारण विशाल मात्रा में लावा बैठकर सतह पर जम गया होगा । चंद्रमा की सतह की चट्टानों की संरचना बेसाल्ट से मिलती-जुलती है अपोलो के अंतरिक्ष यात्रियों द्वारा इंसानों की चट्टानों के नमूने एकत्रित किए गए हैं और उनका अध्ययन किया गया है, 

इन अध्ययनों से ऐसा लगता है कि सागरों के बेसिन लगभग 350 करोड़ों वर्ष पहले भरने आरंभ हुआ है। चंद्रमा के पर्वतीय भागों की उत्पत्ति सागरों से पहले हुई थी अधिकतर सागर इन पर्वत मालाओं से घिरे हुए हैं |


दोस्तों, 
अगर आपको ये जानकारी अच्छी लगी तो हमें कमेंट में बताये और अगर आप किसी और विषय में जानकारी चाहते हैं तो हमें बताये हम आपको पूरी जानकारी हिंदी में देंगे । आप  ये जानकारी अपने दोस्तों को भी शेयर कर सकतें है. नीचे शेयर की बटन को दबाएं । ताकि उनको भी इस बारे में पता चले ।

धन्यवाद 

Thursday, May 21, 2020

Google photos new features makes sharing cool

Google photos new sharing features

Hello people, do you know no Google recently added a new feature to Google photos. At the end of the 2019 year that is December google has announced this feature and now we can see this sharing feature in Google photo whenever you will open the photo and share them with specific people and their faces will be there. 

Before this feature was not there this was recently added and this will make sharing easy among friends among groups. As we know Google is known for quality and authority, it can be seen each of its product we have YouTube we have Google plus we have Google docs we have Play Store in all the products even Google search engine Google always try to maintain the quality that makes a product good for users.


This feature Gives user good control pic or album and even you can share a photo using link sharing as you do in Google Drive this can be embedded in an email text in a block that makes it easy to share this is not only for Google account users even another user can also use this feature you would have the option to turn the link share on-off time.

Watch video Google photos new sharing feature


पराबैंगनी किरणें क्या है | लाभ, हानि और बचाव- What is ultraviolet rays, benefits, harm

पराबैंगनी किरणें क्या हैं -What is ultraviolet rays and spectrum 
Hello people, 
Welcome to Gyan Vigyan, the knowledge of science. In this article, we will understand what is ultraviolet rays and spectrum. What is it's the importance and it's uses, advantages, and disadvantages. So let's proceed to the topic.

पराबैगनी किरणें क्या होती हैं, परिभाषा, अर्थ - What is ultraviolet rays, definition, meaning?

जब सूर्य के प्रकाश को किसी प्रिज़्म से गुजारा जाए तब यह सात रंगों में विभाजित हो जाती है |  यह एक साथ रंगो की पट्टी होती है, इसमें रंग एक निश्चित क्रम में होते हैं। पहला रंग होता है बैंगनी फिर नीला फिर आसमानी हरा, पीला, नारंगी, और अंत में लाल| इसी सात रंग की इस पट्टी को ही हम वर्णक्रम या स्पेक्ट्रम (Spectrum) कहते हैं।

प्रकाश की ये किरणे तरंगों के रूप में यात्रा करती है।  इन तरंगों को विद्युत-चुंबकीय तरंगे कहते हैं। यह तरंगे कम्पन के फलस्वरूप पैदा होती हैं। प्रत्येक रंग की अलग-अलग आवृत्ति होती है। आवर्ती को हर्ट्ज में मापा जाता है। और अगर हम आवृत्ति की परिभाषा को समझें तो 1 सेकंड में किए गए दोलनो की संख्या को आवृत्ति कहते हैं या एक सेकंड में किए गए कम्पनों को आवृत्ति उसकी कहते हैं। यदि कोई वस्तु 1 सेकंड में एक कम्पन करती है तब उसकी आवृत्ति 1 हर्टज होगी। 

इसे भी पढ़ें  - 
इन सात रंगों में बैगनी रंग के आवृत्ति सबसे अधिक होती है |और लाल रंग की सबसे कम इसी बात को हम दूसरे ढंग से भी कह सकते हैं कि बैंगनी रंग की तरंगदैर्ध्य (Wave length ) सबसे कम और लाल रंग की सबसे अधिक होती है|  इन सात रंगों के प्रति हमारी आंखें संवेदनशील होती हैं इसीलिए विद्युत चुंबकीय वर्णक्रम यह ये सातों रंग में दिखाई देते हैं 

पराबैंगनी किरणों की स्पेक्ट्रम में स्थान - Ultraviolet rays in spectrum

इसके अतिरिक्त कुछ विद्युत चुंबकीय तरंगे ऐसी भी हैं जो हमारी आंखों को दिखाई नहीं देती। लाल रंग से कम और बैंगनी रंग से अधिक आवृत्ति की तरंगे हमें दिखाई नहीं देती| लाल रंग से काम आवर्ती की तरंगों को अवरक्त किरणें (Infrared  rays) कहते हैं। 

अवरक्त किरणों से कम आवृत्ति की तरंगों को सूक्ष्म तरंगे (Micro  waves)और उनसे भी कम आवृत्ति वाली तरंगों को रेडियो तरंगों (Radio  waves) के नाम से जाना जाता है।  बैंगनी रंग से अधिक आवृत्ति या कम तरंगदैर्ध्य वाली तरंगों को पराबैंगनी तरंगे  (Ultra violet rays)कहते हैं|  पराबैंगनी अधिक आवर्ती की तरंगों को क्रमशः एक्स और गामा किरणों के नाम से पुकारा जाता है। 

पराबैगनी किरणों के लाभ और हानि - Advantage and disadvantage of ultraviolet rays

पराबैगनी किरणों से हानि 

पराबैंगनी किरणों में बहुत अधिक ऊर्जा निहित होती है। इन किरणों की अधिक मात्रा में शरीर पर पड़ने से त्वचा झुलस जाती है। इतना ही नहीं इन से त्वचा का कैंसर भी हो सकता है। पराबैगनी किरणे आंखों के लिए बहुत ही खतरनाक है खुली आंखों पर इनके सीधे पढ़ने से आंखों में सूजन हो जाती है और मोतियाबिंद हो जाता है या आंखों से पानी आने लग जाता है 

पराबैंगनी किरणों से लाभ 

सूर्य के प्रकाश में इन किरणों की बहुत अधिक मात्रा होती है लेकिन वायुमंडल के ऊपरी हिस्से में उपस्थित ओजोन परत द्वारा काफी मात्रा अवशोषित कर ली जाती है |  ओजोन परत ओजोन गैस का क्षेत्र है जो एक परत की भांति पृथ्वी के चारों तरफ विद्यमान है ओजोन परत के अवशोषित कर लेने के कारण पराबैंगनी किरणों की बहुत कम मात्रा ही पृथ्वी तक पहुंच पाती है| अगर से सारी किरणे आ जाएं तो धरती पर जीवन संभव नहीं होगा | 

कम मात्रा में इनके लाभ भी हैं, इनसे बहुत से बैक्टेरिया मर जाते हैं किरणों के द्वारा त्वचा में उपस्थित पदार्थ विटामिन डी में परिवर्तित हो जाते हैं | पराबैंगनी किरणों के इस हानिकारक प्रभाव से बचने के लिए हमें रंगीन चश्मे का प्रयोग करना चाहिए

पराबैगनी किरणों के अनुप्रयोग - Application pf ultraviolet rays

पराबैगनी किरणों के बहुत से लाभ भी हैं इसका ज्यादातर इस्तेमाल त्वचा से जुड़े रोगों में किया जाता है । इसके सीमित इस्तेमाल से मनुष्य को कुछ फायदे होते है और मन मस्तिष्क पर इसका अच्छा प्रभाव पड़ता है जब यह कुछ पदार्थों पर पड़ती है द्वारा प्रकाश उत्पन्न करती है 

पराबैंगनी विकिरण क्या है - What is ultraviolet radiation

पराबैंगनी किरणें क्या है | लाभ, हानि और बचाव- What is ultraviolet rays, benefits, harm
दोस्तों, 
अगर आपको ये जानकारी अच्छी लगी तो हमें कमेंट में बताये और अगर आप किसी और विषय में जानकारी चाहते हैं तो हमें बताये हम आपको पूरी जानकारी हिंदी में देंगे । आप  ये जानकारी अपने दोस्तों को भी शेयर कर सकतें है. नीचे शेयर की बटन को दबाएं । ताकि उनको भी इस बारे में पता चले ।

धन्यवाद 

Tuesday, May 19, 2020

Who was Pythagoras , biography, image & formula - पाइथागोरस कौन था?

पाइथागोरस कौन था - Who was Pythagoras his biography and formula 

Hello people, welcome to gyan vigyan. Today we are going to know who was Pythagoras, why he become so famous, what he gave to the world his formula, and all about him. in India, we call it Pythagoras pramey (पाइथागोरस प्रमेय ). 

Pythagoras contribution was remarkable in trigonometry a branch of mathematics. 

पाइथागोरस कौन था - Who was Pythagoras his biography and formula

पाइथागोरस कौन था - (Who was pythagorus?) 

हम सभी प्रारंभिक ज्यामिति एलिमेंट्री ज्योमेट्री के अध्ययन में ‘पाइथागोरियन थ्योरी’ से परिचित हैं। इसमें बताया जाता है कि किसी भी समकोण त्रिभुज की सबसे लंबी भुजा से बनाया जाने वाला समकोण, दूसरी ओर कि दोनों वहां से बनने वाले समकोण की लंबाई के जोड़ के बराबर होता है। 

क्या तुम जानते हो कि वह व्यक्ति कौन था जिसने इस सिद्धांत की खोज की थी जो आज तक ज्यामिति में त्रिकोण के अध्ययन का आधार है ? वह यूनान का दार्शनिक गणितज्ञ और खगोलशास्त्री पाइथागोरस था। पाइथागोरस का जन्म यूनान के समास में ईसा से 500 वर्ष पूर्व हुआ था। 

इटली के आधुनिक मेटोपोंटो नगर के निकट स्थित है वहां से 535 वर्ष पूर्व दक्षिणी इटली चला गया क्योंकि उसके प्रदेश में तानाशाही शासन था और वह उससे बचना चाहता था | लेकिन उसका जिज्ञासु और खोज पर सिद्धांत और दूसरों विचार विनियम करने के लिए प्रेरित करता रहा। इसी के फलस्वरूप उसने कार्टन में (जो अब क्रोटोना के नाम से जाना जाता है ) एक अकादमी की स्थापना की। 

वहां उसने नैतिकता राजनीति और पारस्परिक भाईचारे की जो शिक्षाएं दी उसका लोगों पर बहुत बड़ा असर पड़ा इटली और यूनान के अधिकांश क्षेत्रों में पाइथागोरस के विचारों का अच्छा प्रचार प्रसार हुआ। लेकिन हिसाब पूर्वक चौथी शताब्दी के अंत तक कुछ कारणों से समाज और शासन के विरोध के कारण धीरे-धीरे उसका प्रभाव समाप्त हो गया। 

 उसके द्वारा खोजी गई संख्याओं के क्रियात्मक महत्व से संबंधित योगदान ने गणित तथा ज्यामिति पर एक अमिट छाप छोड़ी वास्तव में उसके विचारों और प्रभाव पश्चिमी दर्शन के अतिरिक्त गणित और ज्यामिति के विकास पर भी पड़ा। यह एक प्रामाणिक तथ्य है कि प्लूटो और अरस्तु के विचारों पर उसके दर्शन का बहुत असर पड़ा ।

विज्ञान जगत में ज्यामिति, बीजगणित, खगोल शास्त्र, उचित व्यवहार आदि से संबंधित उनके सिद्धांतों को कृतज्ञता सहित स्वीकार किया गया उदाहरण के लिए प्रसिद्ध खगोलशास्त्री कॉपरनिकस ने पाठक को अपने सिद्धांत का अग्रदूत माना है कि ग्रह सूर्य के चारों ओर चक्कर लगाते हैं सत्य के सर्वेक्षण की ईसा पूर्व 493 में 3 वर्ष की उम्र में मृत्यु हो गई। 
 

Pythagoras Formula

Here is the formula is given by Pythagoras.

                                     Ac2=Ab2+Bc2 (pythagorus theorem equation)

Pythagoras theorem in English


In a right-angled triangle, the square of the hypotenuse is equal to the sum of the squares of base and perpendicular. 

पाइथागोरस प्रमेय हिंदी में 


 किसी भी समकोण त्रिभुज में कर्ण भुजा की घात दो बराबर होगा आधार और लम्ब के घात दो के योग के बराबर होगा।

Pythagoras formula for kids and others and its use

Pythagoras was one of the famous mathematicians, be proposed Pythagoras formula that has much application in our day to day life. School kids use these for solving trigonometric questions and height and distance. Even it is used by many engineers in the work field for the calculation of base, height, and some time for angle. So it is very useful.

Pythagoras image

pythagoras image